This is a wonderful song from the file "Anjaana Anjaani" album. The singer is Rahat Fateh Ali Khan.
धुंधला जाएँ जो मंजिलें
इक पल को तू नज़र झुका
झुक जाए सर जहाँ वही
मिलता है रब का रास्ता
तेरी किस्मत तू बदल दे
रख हिम्मत बस चल दे
तेरे साथी मेरे क़दमों के हैं निशाँ
तू न जाने आस पास है खुदा ... (६ बार)
खुद पे दाल तू नज़र
हालातों से हार कर
कहाँ चला रे
हाथ की लकीर को
मोधता मरोड़ता
है हौसला रे
तोह खुद तेरे ख्वाबों के रंग में
तू अपने जहाँ को भी रंग दे
के चलता हूँ में तेरे संग में
हो शाम भी तोह क्या
जब होगा अँधेरा
तब पायेगा दर मेरा
उस दर पे फिर होगी तेरी सुबह
तू न जाने आस पास है खुदा ... (४ बार)
मिट जाते हैं सबके निशाँ
बस एक वोह मिटता नहीं है हाय
मान ले जो हर मुश्किल को मर्ज़ी मेरी हाय
हो हमसफ़र ना तेरा जब कोई
तू हो जहाँ रहूँगा में वही
तुझसे कभी न इक पल भी में जुदा
तू न जाने आस पास है खुदा ... (८ बार)
Thanks to Google Translation Services for Hindi Phonetics.

